सम्मान की लड़ाई बनीं गुजरात की राज्यसभा सीट, संसद में चकल्लस
नई दिल्ली, एजेंसी। गुजरात के राज्यसभा चुनाव बीजेपी और कांग्रेस के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई बन के रह गए हैं। आए दिन इस चुनाव पर नया टर्न आता है। कांग्रेस चुनाव आयोग से लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुकी है। बीजेपी कांग्रेस पर अंगूर खट्टे होने वाली कहावत लगा रही है।
इसी मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी की तिलमिलाहट का जवाब देते हुए गुजरात के सांसद दिलीप भाई पांड्या ने कहा कि चुनाव आयोग इनकी सुन रहा है ना उच्च न्यायालय इनको तवज्जो दे रहा है। इसके बावजूद भी यह लोग यह सब नाटक कर रहे हैं क्योंकि यह झूठ है।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस का आलम यह है कि वह अपने कुनबे को संभाल नहीं सकते। उसको डर है कि उसके अपने ही लोग टूट कर चले जाएंगे। गुजरात में इतने हालात बदतर हैं, बाढ़ आई हुई है बनासकांठा में और ज्यादातर बनासकांठा के विधायक हैं वह कांग्रेस के हैं।
अगर चोर कहीं छुपा होगा तो पुलिस बाहर से फोटो निकालकर जाएगी कि अंदर जाएगी ढूंढने के लिए। यही वजह है कि इनकम टैक्स विभाग भी रिजल्ट के अंदर गया देखने के लिए कि केशवकुमार वहां है कि नहीं। उनके ऊपर पहले से ही मामला चल रहा था। उसी संदर्भ में इनकम टैक्स विभाग ने वहां पर छापेमारी की।
बीजेपी पर पलटवार करते हुए कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद ने कहा कि जेटली को यह जवाब देना होगा कि उन्होंने क्यों राज्यसभा को गलत जानकारी दी। उन्होंने कहा था कि किसी भी गुजरात के विधायक के कमरे के अंदर आयकर विभाग नहीं गया लेकिन सीसीटीवी फुटेज इसके विपरीत बता रहा है कि किस तरह से शक्ति सिंह गोहिल के कमरे में सीआरपीएफ गई। राज्यसभा सीट के लिए सरकार इस स्तर पर गिर आई है।
बीके हरिप्रसाद यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि आयकर विभाग के अधिकारियों ने गुजरात के विधायकों को अच्छी डील भी आॅफर की थी ताकि वह वापस गुजरात चले जाएं।
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