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इसराइल के PM ने हिन्दी में कहा,'हम आपका स्वागत करते है मेरे दोस्त'

तेल अवीव। भारतीय विदेश नीति के इतिहास में मंगलवार को एक नया अध्याय जुड़ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल के तेल अवीव में एयरपोर्ट पर विमान से जब उतरे तो उनके स्वागत के लिए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू खुद खड़े थे। विमान से मोदी के उतरते ही नेतन्याहू ने बड़ी गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। देर तक हाथ मिलाया। दोनों गले मिले। फिर दोनों देशों का राष्ट्रगान हुआ। खुशी से भरे उनके चेहरे इतिहास के इस नए अध्याय की कहानी कह रहे थे।

तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर मंच पहले से ही सजा हुआ था। मंच पर पहले नेतन्याहू आए और मोदी का स्वागत बड़े ही अनोखे अंदाज में किया। हिंदी में कहा-आपका स्वागत है मेरे दोस्त। पीएम मोदी ने भी इस भव्य स्वागत का जवाब उतनी ही गर्मजोशी से दिया। उन्होंने हिब्रू भाषा में 'शलोम' कहा। इसका अर्थ होता है- शुक्रिया।

इजरायली पीएम ने ऐतिहासिक यात्रा कहा
नेतन्याहू ने कहा कि सचमुच यह एक ऐतिहासिक यात्रा है। भारत और विश्व के महान नेता का हम 70 वर्षों से इंतजार कर रहे थे। नेतन्याहू ने कहा कि जब मैं आपसे पेरिस में पहली बार मिला तो हम भारत और इजरायल के संबंध को आगे ले जाने पर सहमत हुए थे। फिर कई बार आपसे फोन पर बात हो चुकी है।

अंतरिक्ष तक पहुंची साझेदारी
इजरायली पीएम ने मोदी को याद दिलाया। कहा कि मुझे याद है कि आपने कहा था कि जब भारत और इजरायल के संबंधों की बात आती है तो स्काई इज द लिमिट। लेकिन आज मैं कहता हूं कि स्काई की भी लिमिट नहीं है, क्योंकि हमारी साझेदारी अब अंतरिक्ष तक पहुंच गई है। नेतन्याहू ने कहा कि हम भारत से प्यार करते हैं। भारत की संस्कृति, इतिहास, लोकतंत्र और प्रगति अनुकरणीय है।

मोदी ने किया चुनौतियों का जिक्र
इस मौके पर मोदी ने आमंत्रित करने और गर्मजोशी भरा स्वागत करने के लिए नेतन्याहू का आभार जताया। कहा- मुझे भारत से आने वाले पहले प्रधानमंत्री बनकर गर्व हो रहा है। मैं यहां बड़ी संख्या में रहने वाले भारतीय मूल के यहूदियों से मिलना चाहता हूं। मोदी ने कहा कि दोनों देशों को मिलकर विकास की चुनौतियों का सामना करना है और आतंकवाद से भी मिलकर लड़ाई लड़नी है। पीएम मोदी ने कहा, 'भारत-इजरायल के बीच जब से पूर्ण राजनयिक संबंध शुरू हुए है, तब से दोनों ने प्रगति की है।' उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता पुरानी है लेकिन यह एक युवा देश है। यहां 80 करोड़ लोग 35 साल से कम उम्र के हैं और इजरायल की इकोनॉमी, बिजनेस करने का तरीका और दुनिया से रिश्ते हमें प्रेरित करते हैं।

 नए दौर की शुरुआत
पीएम मोदी ने कहा कि भारत इजरायल को अपना सबसे अहम साझीदार मानता है। उच्च तकनीकी शिक्षा, इनोवेशन के मामले में इजरायल आगे है। मेरा यह दौरा दोनों देशों के बीच बातचीत के नए दौर की शुरुआत करेगा।

मोदी पर रखा फूल का नाम
प्रधानमंत्री मोदी ने फूलों के फार्म डैनजिगर 'डैन' का दौरा किया। उनके साथ इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू भी थे। सबसे खास बात यह रही कि इजरायल ने अपने एक बेहद खास फूल का नाम प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर रखा। करीब 80,000 वर्ग मीटर में फैला यह अत्याधुनिक फार्म है। यरुशलम से 56 किलोमीटर दूर मोशाव मिशमार हाशिवा में 1953 में इसकी स्थापना की गई थी। स्थानीय बाजार और करीब 60 देशों को यहां से फूल-पौधे भेजे जाते हैं।

तीन बार गले मिले
प्रधानमंत्री मोदी ने तेल अवीव एयरपोर्ट पर पहुंचते ही इजरायली प्रधानमंत्री को चिरपरिचित अंदाज में गले लगाया। दस मिनट में दोनों प्रधानमंत्री तीन बार गले मिले। पीएम मोदी का विदेशी नेताओं के साथ मिलने का यह अनोखा अंदाज है। तीन वर्षों में वह अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत अनेक नेताओं के साथ ऐसे ही गले मिल चुके हैं।

आई स्क्वायर और टी स्क्वायर
नेतन्याहू ने भारत और इजरायल को नेचुरल फ्रेंड बताते हुए सहयोग का नया सूत्र गढ़ा। 'आई स्क्वायर' यानी भारत और इजरायल और 'टी स्क्वायर' यानी टैलेंट और टेक्नोलॉजी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'हमें इस बात का पक्का भरोसा है कि हमारी लाइफ की ये केमिस्ट्री हमारी साझेदारी की सफलता तय करेगी। हमारे लोगों की प्रतिभा से हम बहुत बेहतर कर सकते हैं।' नेतन्याहू ने कहा, 'हम आपसे ऐतिहासिक साझेदारी करना चाहते हैं। हम मेक इन इंडिया को विद माई मेक इन इंडिया में बदलना चाहते हैं।'

इसलिए अहम है यह यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी की इस ऐतिहासिक यात्रा पर पूरी दुनिया की नजरें हैं। मोदी के इस दौरे के दौरान इजरायल से 17 हजार करोड़ का रक्षा सौदा होने की संभावना जताई जा रही है। भारत अभी 70 से 100 अरब रुपये के करीब सैन्य उत्पाद इजरायल से आयात कर रहा है, जो अगले पांच साल में 150 अरब रुपये तक पहुंच सकता है। मोदी के इस दौरे से इजरायली कंपनियों के लिए भारत में निवेश के बेहतर मौके बनेंगे। दोनों देश साइबर क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं, लेकिन इससे जुड़ी जानकारियों को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।

क्रिसैंथेमस फूल अब मोदी के नाम
इजरायल मं पाया जाने वाला क्रिसैंथेमस फूल अब मोदी के नाम से जाना जाएगा।

About Author Mohamed Abu 'l-Gharaniq

when an unknown printer took a galley of type and scrambled it to make a type specimen book. It has survived not only five centuries.

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