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‘बाबाओं की #Property’ जब्त करने का कानून बनाए सरकार

सुखराम बामने अधिवक्ता।

सुखराम बामने (अधिवक्ता) की कलम से ...


साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराने के बाद कई सवाल खड़े हो गए है। हाल ही में एक के बाद एक मामले सामने आए है। जिससे तथाकथित साधु-संतों के आचरण पर नई बहस छिड़ गई है। कई स्वयंभू बाबा और पीर फकीरों की लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता मिल रही हैं। उन पर हत्या, बलात्कार जैसे संगीन मामले दर्ज है। कुछ को सजा हो गई, कुछ अंडर ट्रायल है। इससे यह साबित हो रहा है कि इनके गलत कारनामों से न केवल समाज में गलत संदेश जा रहा है बल्कि विश्व पटल पर देश का नाम भी खराब हो रहा है।

अब बिना देर किए सरकारों को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। यह इसलिए भी जरूरी है कि ऐसे फर्जी बाबा सत्ता प्राप्ति के लिए अच्छा साधन बन गए है। इसलिए इन पर तब तक कार्रवाई नहीं की जाती है। जब तक अदालतें खुद उन्हें ऐसा करने पर मजबूर न कर दें। ऐसा हमें दुष्कर्म के मामले में फंसे आसाराम, हो या हत्या और देशद्रोह का मुकदमा झेल रहे रामपाल। या फिर गुरमीत राम रहीम। सबके मामले में देखने को मिला भी है।

कड़े कदम उठाना इसलिए भी जरूरी हो गया है कि इन बाबाओं के पास वोट बैंक का भंडार होता है। इसकी आड़ में सरकारों से सौदेबाजी करना आसाना हो जाता है। इसी कारण सत्ता से मिले ‘‘अघोषित पॉवर’’ का फायदा उठाकर इनके आश्रम अय्याशी के अड्डे बन जाते है।

अब वक्त आ गया है कि देश हित में वोट बैंक का लालच छोड़कर ऐसे बाबाओं की पहचान कर। छापामारी करे और उनकी संपति की गणना की जाए। इसमें जो भी अघोषित संपति दान से बनाई गई हो, उसे जब्त कर राष्ट्र निर्माण के कार्यों में उपयोग किया जाए। क्योंकि, जनता के दान को ही ‘जनता का टैक्स’ समझकर राजसात करना भी राष्ट्र निर्माण के पावन कार्य के समान ही है।

इसके अलावा, इन पैसों से जरूरतमंद बच्चों के लिए स्कूल, बीमारों के लिए अच्छे अस्पताल और उच्च शिक्षा के लिए व्यवसायिक महाविद्यालय खोले जाने की पहल की जानी चाहिए।
अंत में देश की जनता से मैं यही अपील करना चाहता हूं कि तेजी से पनप रहे फर्जी बाबाओं पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में मुखर होकर सरकार पर दवाब बनाए। ताकि, समाज को आस्था के कारोबार से मुक्ति मिल सकें। जय हिंद जय भारत।


About Author Mohamed Abu 'l-Gharaniq

when an unknown printer took a galley of type and scrambled it to make a type specimen book. It has survived not only five centuries.

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